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रायगढ़: पिकअप चालक हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला, सहायक उपनिरिक्षक जयराम सिदार की मजबूत विवेचना से आरोपी को मिली उम्रकैद की सजा….

रायगढ़:न्यायालय ने हत्या के एक जघन्य मामले में त्वरित और प्रभावी सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्री विरेंद्र की अदालत ने पिकअप चालक की टांगी मारकर हत्या करने वाले आरोपी सूरज राठिया (22 वर्ष) को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत की गई मजबूत विवेचना के चलते मृतक के परिजनों को आखिरकार न्याय मिल सका है।


यह पूरी घटना 22 अगस्त की रात की है। मृतक विरेन्द्र खम्हारी (30 वर्ष), जो ग्राम लुकापारा सरिया का निवासी था, पूंजीपथरा क्षेत्र स्थित विंध्याचल ऑक्सीजन प्लांट में पिकअप चालक के तौर पर कार्यरत था। वहीं आरोपी सूरज राठिया, जो ग्राम आमगांव धरमजयगढ़ का रहने वाला है, उसी प्लांट में खलासी का काम करता था। दोनों लेबर कॉलोनी में अलग-अलग क्वार्टरों में रहते थे और उनके बीच अच्छे संबंध थे। घटना के दिन विरेन्द्र ने सूरज से कुछ पैसे उधार मांगे थे, जिसे लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि आवेश में आकर सूरज राठिया ने टांगी (कुल्हाड़ी) से विरेन्द्र पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल विरेन्द्र ने मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।


घटना की सूचना मिलते ही पूंजीपथरा के तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और फरार आरोपी सूरज राठिया को उस वक्त दबोच लिया जब वह सामान समेटने वापस अपने क्वार्टर आया था। इसके बाद विवेचना सहायक उप निरीक्षक जयराम सिदार द्वारा आगे बढ़ाई गई। विवेचना अधिकारी जयराम सिदार ने वैज्ञानिक साक्ष्य, घटनास्थल से जुटाए गए प्रमाण, एफएसएल रिपोर्ट और महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों को बेहद मजबूती के साथ न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष के साथ सही तालमेल बिठाकर सभी साक्षियों के कथन कराए गए और गवाह अदालत में अपने बयानों पर पूरी तरह अडिग रहे।


अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सुश्री वंदना केशरवानी ने बेहद प्रभावी पैरवी की, जिससे आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का रास्ता साफ हुआ। यह पूरा मामला भारतीय न्याय संहिता के तहत मजबूत विवेचना और सटीक अभियोजन का एक बड़ा उदाहरण बना है।


गौरतलब है कि रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा विवेचना के स्तर में सुधार लाने के लिए विशेष रूप से विवेचकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया गया है। इस ग्रुप में अनुसंधान में आने वाली समस्याओं और मार्गदर्शन के लिए स्वयं एसएसपी एवं वरिष्ठ अधिकारी लगातार दिशा-निर्देश देते हैं। इसी गुणवत्तापूर्ण सुधार का परिणाम है कि आरोपियों को उनके अपराध के अनुसार कड़ी सजा मिल रही है। फैसले के बाद एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पुलिस की विवेचना आरोपियों को उनके कृत्य के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाने पर केंद्रित होनी चाहिए क्योंकि मजबूत विवेचना ही न्याय की सबसे बड़ी आधारशिला है।

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