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CG Cabinet Decisions:UCC पर बड़ा कदम और अवैध खनन पर कड़ा वार, साय सरकार के इन 9 फैसलों से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर……..

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के भविष्य और विकास से जुड़े कई युगांतरकारी निर्णय लिए गए। इस बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण छत्तीसगढ़ में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम रहा। सरकार ने इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है। यह समिति राज्य के नागरिकों, विभिन्न संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श कर एक ऐसा प्रारूप तैयार करेगी जो विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान और न्यायसंगत होगा। समिति की सिफारिशों और जनता के फीडबैक को वेब पोर्टल के माध्यम से संकलित कर अंतिम ड्राफ्ट विधानसभा में पेश किया जाएगा।


सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए कैबिनेट ने महिलाओं और सैनिकों के हित में भी खजाना खोल दिया है। अब राज्य में महिलाओं के नाम पर होने वाली जमीन की रजिस्ट्री के शुल्क में 50 प्रतिशत की बड़ी कटौती की जाएगी, जिससे न केवल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी बल्कि उन्हें संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसी तरह, देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान में सरकार ने घोषणा की है कि उन्हें अपने जीवनकाल में एक बार 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। यह निर्णय उन जवानों के लिए बड़ी आर्थिक राहत होगा जो सेवानिवृत्ति के बाद स्थायी निवास की योजना बनाते हैं।


प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के तहत मंत्रिपरिषद ने खनिज और रेत उत्खनन के नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त और पारदर्शी बना दिया है। रेत की किल्लत और माफिया राज को खत्म करने के लिए अब सरकारी उपक्रमों को खदानें आरक्षित की जा सकेंगी, जिससे बाजार में रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही अवैध उत्खनन और परिवहन में लिप्त पाए जाने वालों पर अब 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे कंपनियों के लिए ऋण प्राप्त करना और निजी निवेश के जरिए बुनियादी ढांचा विकसित करना सरल हो जाएगा।


बैठक में अंतर्राज्यीय वित्तीय मामलों पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। मध्यप्रदेश पुनर्गठन के बाद पेंशन दायित्वों के तहत छत्तीसगढ़ द्वारा किए गए 10,536 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान की वापसी पर सहमति बनी है। मध्यप्रदेश सरकार शेष 8,536 करोड़ रुपये की राशि आगामी छह किश्तों में लौटाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए दुधारू पशु योजना को अब सभी वर्गों के लिए खोल दिया गया है और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाने की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने खरीफ के आगामी सीजन के लिए खाद और रसोई गैस की उपलब्धता की भी गहन समीक्षा की, ताकि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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