HomeUncategorizedजशपुर की राईपाठ के महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, टेंट...

जशपुर की राईपाठ के महिलाओं ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल, टेंट व्यवसाय से बदली अपनी किस्मत……

रविंद्र यादव ,जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के अंतर्गत देवीडड़गांव ग्राम पंचायत का एक छोटा सा गांव राईपाठ आज महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बन चुका है। यहाँ की महिलाओं ने जय बिहान योजना के माध्यम से एकजुट होकर न केवल अपनी किस्मत बदली है, बल्कि समाज के सामने आत्मनिर्भरता का एक अनूठा उदाहरण भी पेश किया है। गेंदा महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी इन महिलाओं ने अपनी मेहनत और अटूट एकता के बल पर टेंट व्यवसाय की शुरुआत की है, जिसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है।


इस सफलता की नींव पिछले तीन वर्षों के कड़े संघर्ष और अटूट साहस पर टिकी है। श्रीमती अंजना बखला के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने आर्थिक तंगी के बावजूद कभी हार नहीं मानी। अपनी बचत बढ़ाने के लिए उन्होंने शुरुआती दौर में आलू और मघा की खेती जैसे कठिन कार्यों को अपनाया। इसके अलावा महिलाओं ने माला बनाने और कपड़ों के व्यवसाय में भी हाथ आजमाया। इन छोटे-छोटे प्रयासों से जो पूंजी जमा हुई, उसी से उन्होंने टेंट का सामान खरीदा और अपने स्वयं के व्यवसाय की नींव रखी।


आज यह समूह टेंट को किराए पर देकर न केवल अच्छी आमदनी कर रहा है, बल्कि परिवार के पालन-पोषण में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समूह की सदस्य अंजना बाखला का मानना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं और मेहनत के दम पर वे समाज को नई दिशा दे सकती हैं। इस सामूहिक प्रयास में सफ़ीरा कुजूर, कुमुदिनी खलखो, बेलवंती बाई, बलमदीना बखला, विजयकांता तिग्गा, रश्मि तिग्गा, आसरेन बखला और एलिजाबेथ तिग्गा जैसी महिलाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। राईपाठ की इन महिलाओं की यह पहल अब अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह साबित करती है कि सही अवसर और दृढ़ निश्चय से आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular