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​जशपुर: डबल मर्डर केस में न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला, आरोपी खीरसागर को मिला आजीवन कारावास


जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में दोहरे हत्याकांड के एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण) ने आरोपी खीरसागर यादव को अपनी पत्नी और सास की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। यह फैसला नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत सुनाया गया है।


मछली और शराब के विवाद में उजाड़ा घर
यह पूरा मामला नवंबर 2024 का है, जब बागबहार थाना क्षेत्र के ग्राम खजरीढाप में आरोपी खीरसागर यादव ने नशे की हालत में खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। प्रार्थी चक्रधर यादव के अनुसार, उनका पुत्र खीरसागर केरल से लौटने के बाद अपनी पत्नी रोशनी बाई के साथ अलग घर में रहता था। घटना वाले दिन आरोपी बाजार से मछली और शराब (हड़िया) लेकर आया था। शाम को सब्जी बनाने की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हुआ, जो इतना बढ़ा कि खीरसागर ने पास रखे डंडे से अपनी पत्नी रोशनी बाई के सिर पर जोरदार हमला कर दिया।


बीच-बचाव करने आई सास को भी उतारा मौत के घाट
जब आरोपी अपनी पत्नी को पीट रहा था, तब उसकी सास जगरमनी बाई अपनी बेटी को बचाने के लिए दौड़ी। क्रोध में अंधे हो चुके खीरसागर ने उन पर भी डंडे से कई वार किए। हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वार के दौरान डंडा तक टूट गया था। सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण रोशनी बाई और जगरमनी बाई दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।


पुलिस की मुस्तैदी और न्यायालय का न्याय
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे जशपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर 19 नवंबर 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. धुर्वेश कुमार जायसवाल द्वारा की गई और अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक श्री अजीत रजक ने दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी पाया और उसे अंतिम सांस तक जेल में रहने तथा अर्थदंड भरने का आदेश दिया।

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