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जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’: ग्रामीणों के सहयोग से 15 मवेशी तस्करों के चंगुल से मुक्त, पांच आरोपी गिरफ्तार…..


जशपुर जिले में गौ-तस्करी के विरुद्ध पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ पूरी शक्ति के साथ जारी है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जशपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 15 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस कार्यवाही में एक विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल पांच तस्करों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस की इस सफलता के पीछे हाल ही में शुरू की गई कम्युनिटी पुलिसिंग और ग्रामीणों से की गई अपील का सीधा असर देखा जा रहा है।


विगत 14 मार्च को डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्वयं पुलिस बल के साथ गौ-तस्करी के संभावित संवेदनशील रास्तों पर छापेमारी की थी। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्हें पुलिस पर विश्वास बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की थी। इसी अपील और ग्रामीणों से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने थाना सिटी कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ग्राम हाथीसार के जंगल में घेराबंदी की, जहाँ से 12 नग गौ-वंशों को छुड़ाया गया। मौके से पुलिस ने आरोपी असरफुल कादरी (23 वर्ष, निवासी झारखंड), शरीफ अंसारी (23 वर्ष, निवासी मनोरा) और एक 17 वर्षीय बालक को पकड़ा। आरोपियों के पास मवेशियों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं होने पर उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल और बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया है।


इसी कड़ी में एक अन्य कार्यवाही चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम गोढ़ीटोली में की गई। आज सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर 03 नग गौ-वंशों को पैदल हांक कर झारखंड ले जा रहे दो तस्करों, याकूब खान (45 वर्ष) और सरवर आलम (38 वर्ष) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध चौकी आरा में कानूनी कार्यवाही की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त अन्य फरार तस्करों की भी पहचान कर ली है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी गई है।


जशपुर पुलिस का यह अभियान पिछले एक सप्ताह से अत्यंत प्रभावी रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात दिनों के भीतर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों जैसे नारायणपुर, मनोरा और आरा से कुल 70 नग गौ-वंशों को तस्करों से मुक्त कराया जा चुका है। पुलिस कप्तान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि गौ-तस्करी के खिलाफ जिला पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों के बढ़ते सहयोग और पुलिस की सक्रियता से तस्करों के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है।

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