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रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 23 लाख की ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश, बेंगलुरु से 2 गिरफ्तार


रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में पुसौर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने इस मामले में कर्नाटक के बेंगलुरु से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 17 लाख रुपये से अधिक की राशि को बैंक खातों में होल्ड करवा दिया है और घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के बाद अब रायगढ़ न्यायालय में ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया है।


मिली जानकारी के अनुसार, थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम जतरी निवासी रिटायर्ड शिक्षक गरुण सिंह पटेल ने थाने में आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित को बीते दिनों अनजान नंबरों से कॉल आया था, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए डराया कि मुंबई में उनके नाम से फर्जी खाता खुला है। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर जांच के नाम पर शिक्षक को अपने झांसे में ले लिया। डर के मारे शिक्षक ने आरोपियों की बातों में आकर यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 12 किस्तों में 23 लाख 28 हजार 770 रुपये आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में शक होने पर जब शिक्षक ने अपने बेटे को इसकी जानकारी दी, तब जाकर मामला पुलिस तक पहुंचा।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जब पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की, तो आरोपियों की लोकेशन बेंगलुरु में मिली। पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर दो आरोपियों विग्नेश पी. और स्टीफन थॉमस को बेंगलुरु के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इसका मुख्य मास्टरमाइंड फिरोज खान उर्फ डॉम्निक है, जो काफी समय से दुबई में रहकर इस पूरे सिंडिकेट को चला रहा है। वह भारत से दुबई जाने वाले लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी बैंक खाते खुलवाता था। विग्नेश और स्टीफन जैसे गुर्गे भारत में उन खातों का प्रबंधन करते थे और ठगी की रकम आगे ट्रांसफर करने के बदले मोटा कमीशन पाते थे। फरार मुख्य आरोपी फिरोज खान की तलाश जारी है।


इस बड़ी सफलता पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस ने बेहद प्रभावी और प्रोफेशनल तरीके से इस जटिल केस को सॉल्व किया है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कानून में कोई व्यवस्था नहीं होती। कोई भी सरकारी अधिकारी आपको फोन पर डराकर पैसे की मांग नहीं करता है। किसी भी अज्ञात कॉल या धमकी से घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इस बड़े साइबर रैकेट का पर्दाफाश करने में पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, साइबर सेल से राजेश पटेल, आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा और साइबर टीम की विशेष भूमिका रही।

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