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​शिकायत पर तुरंत एक्शन,प्रशासन ने रोका जंगल का अवैध कब्जा, तावईनपानी क्षेत्र में हुआ पौधारोपण।


जशपुर (छत्तीसगढ़)। पर्यावरण संरक्षण और जंगल की सुरक्षा के मामले में जशपुर जिला प्रशासन ने एक मिसाल कायम की है। जिले के तावईनपानी क्षेत्र स्थित सारंग पाठ जंगल में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे की कोशिश को जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने न केवल विफल कर दिया, बल्कि तुरंत कार्रवाई करते हुए जंगल में करीब 1000 पौधे लगाकर संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।


स्थानीय शिकायत बनी त्वरित कार्रवाई का आधार
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब स्थानीय ग्रामीणों ने सारंग पाठ जंगल क्षेत्र में बढ़ रही अवैध गतिविधियों और कब्जे की कोशिशों की शिकायत जिला प्रशासन के समक्ष दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप था कि कुछ व्यक्ति जंगल की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिससे जंगल के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और वन विभाग को सख्त निर्देश दिए कि न सिर्फ अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाए, बल्कि जंगल को संरक्षित करने के लिए एक ठोस योजना पर काम शुरू किया जाए।


1000 पौधों से मिला जंगल को “जीवनदान”
जिला प्रशासन के निर्देशों पर अमल करते हुए, वन विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान शुरू किया। विभागीय अधिकारियों और स्थानीय वन समिति के सदस्यों की मौजूदगी में 1000 से अधिक पौधे लगाए गए। यह पौधारोपण सिर्फ एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जंगल की सीमा को पुन: स्थापित करने और अवैध कब्जेदारों को स्पष्ट संदेश देने का एक मजबूत प्रयास है।


इस महत्वपूर्ण संरक्षण अभियान में जिन अधिकारियों और स्थानीय सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई, वे इस प्रकार हैं:

  • नरेंन्द्र यादव: सर्किल साहब
  • लक्ष्मी कंहर: रेंजर, सन्ना
  • राहुल मिन्नत: नाका कव ई बिट (वन विभाग)
  • भरत राम: वन समिति अध्यक्ष, ग्राम पंचायत नन्हेसर

  • ग्रामीणों ने सराहा प्रशासन का एक्शन
    वन समिति के अध्यक्ष भरत राम ने प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई की दिल खोलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत पर इतनी तेजी से अमल होना यह दिखाता है कि जिला प्रशासन जंगल और पर्यावरण के प्रति कितना गंभीर है।

  • स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस कार्रवाई पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस त्वरित एक्शन के कारण उनका जंगल अब सुरक्षित हो गया है और उनमें खुशी का माहौल है। इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि स्थानीय लोगों की जागरूकता और प्रशासन की सक्रियता से जंगल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों का प्रभावी संरक्षण किया जा सकता है।
    यह पौधारोपण कार्यक्रम न केवल जंगल को अवैध कब्जे से मुक्ति दिलाता है, बल्कि भविष्य में इस क्षेत्र के हरियाली और पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करने का आधार तैयार करता है।
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