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सरगुजा संभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ऐतिहासिक शंखनाद; एकजुटता के साथ हक की लड़ाई का लिया संकल्प


अंबिकापुर | सरगुजा संभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले आज अंबिकापुर के गांधी चौक स्थित श्री दुर्गा शक्ति पीठ में एक विशाल और महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सरगुजा संभाग के सभी छह जिलों— जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी और कोरिया के संघ प्रमुखों, संगठनों के पदाधिकारियों और परियोजना प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। लंबे समय से अलग-अलग गुटों में बंटकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रही कार्यकर्ताओं ने अब एक मंच और एक बैनर के नीचे आने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। बैठक का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद जशपुर जिले की कार्यकर्ताओं ने स्वागत गीतों के साथ उपस्थित अतिथियों का अभिनंदन किया।


बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती कविता यादव ने एकजुटता का मंत्र देते हुए कहा कि यदि सभी कार्यकर्ता और सहायिकाएं एक साथ मिलकर आवाज उठाएं, तो उनकी जीत सुनिश्चित है। उन्होंने अधिकारियों के दबाव और प्रताड़ना के खिलाफ निडर होकर खड़े होने की बात कही और स्पष्ट किया कि अब किसी भी समस्या का निराकरण शासन-प्रशासन से सीधे संवाद के माध्यम से किया जाएगा। वहीं पुष्पा श्रेजल ने विभाग द्वारा दी जा रही गुणवत्ताविहीन साड़ियों के मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और सेवानिवृत्त हो रही कार्यकर्ताओं के लिए पेंशन की मांग को प्रमुखता से उठाने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि सेवानिवृत्त होने वाली दीदीयों के सम्मान में समारोह आयोजित किए जाने चाहिए ताकि उनका भविष्य अंधकारमय न रहे।


चर्चा के दौरान सरगुजा से श्रीमती भुनेश्वरी सिंह और सुचिता मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों को भुलाकर एकराय होना ही इस संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। वर्तमान में कार्यकर्ताओं का मुख्य लक्ष्य ‘नियमितीकरण’ होना चाहिए और इसी दिशा में पूरी ऊर्जा केंद्रित की जाएगी।

बैठक में 21 सूत्रीय एजेंडे पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें संभाग स्तरीय व्हाट्सएप ग्रुप बनाने, हर छह माह में समीक्षा बैठक करने, न्यायालय में याचिका दायर करने और मुख्यमंत्री सहित दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने जैसी महत्वपूर्ण रणनीतियां शामिल हैं। इसके साथ ही मीडिया के साथ समन्वय बढ़ाने और सभी जिला अधिकारियों के संपर्क सूत्र एकत्रित करने पर भी सहमति बनी ताकि कार्यकर्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। इस एकजुटता ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने हक के लिए एक बड़ी और संगठित लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
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