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जशपुर में ‘लैब ऑन व्हील्स’ का शुभारंभ, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच….

जशपुर, 23 मई 2026। अपराध जांच को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में जशपुर पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले को आबंटित अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन ‘लैब ऑन व्हील्स’ को शनिवार को रक्षित केंद्र जशपुर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वैन के माध्यम से अब गंभीर अपराधों की घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे साक्ष्य संग्रहण की प्रक्रिया अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा न्याय दिलाने में तेजी आएगी।

कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मोबाइल फॉरेंसिक वैन की विशेषताओं और इसकी उपयोगिता की जानकारी भी दी गई।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि राज्य में अपराध जांच प्रणाली को और अधिक आधुनिक, वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) रायपुर द्वारा मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 में फॉरेंसिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह और फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति अब अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में यह वैन अपराध जांच को नई गति प्रदान करेगी।

उन्होंने बताया कि ‘लैब ऑन व्हील्स’ के रूप में तैयार इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन में फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट डिटेक्शन किट, डीएनए एवं रक्त नमूना संग्रहण किट, डिजिटल फॉरेंसिक उपकरण, नारकोटिक्स परीक्षण किट, सीसीटीवी एवं मोबाइल डेटा विश्लेषण प्रणाली, बैलिस्टिक जांच उपकरण, गन शॉट रेजिड्यू परीक्षण किट, हाई इंटेंसिटी लाइट सोर्स, डीएसएलआर कैमरा, वीडियोग्राफी उपकरण और साक्ष्य संरक्षण के लिए आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच संभव होगी और साक्ष्यों के नष्ट या दूषित होने की आशंका कम होगी।

विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अपराधियों को न्यायालय से राहत मिल जाती थी, लेकिन अब आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच पद्धति के माध्यम से वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि साक्ष्य आधारित जांच से निर्दोष लोगों को भी अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शासन की मंशा है कि “बेगुनाह पिसे नहीं और गुनहगार बचे नहीं।”

जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने इसे सुशासन और प्रभावी न्याय व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन से अपराध जांच प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रहण और विश्लेषण संभव होगा, जिससे दोषियों को सजा दिलाने में सहायता मिलेगी।

फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सलीम कुजूर ने बताया कि यह वैन विज्ञान आधारित जांच प्रणाली को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। पहले घटनास्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था और उनके प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक परीक्षण किए जा सकेंगे। इससे रिपोर्टिंग में तेजी आएगी और न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

जशपुर पुलिस को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन अपराध जांच को नई तकनीक से जोड़ते हुए त्वरित और निष्पक्ष न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके माध्यम से जिले में होने वाले गंभीर अपराधों की जांच पहले की तुलना में अधिक वैज्ञानिक, सटीक और परिणामोन्मुखी हो सकेगी।

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