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बिग ब्रेकिंग जशपुर: बगीचा भाजपा में बगावत, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता का आरोप – 2008 से पार्टी विरोधी काम करने वाले बन बैठे सर्वेसर्वा…

25 जून 2026:जशपुर-प्रदेश के नगरीय निकायों में एल्डरमैनो की नियुक्ति की सूची आने के बाद जशपुर जिले की राजनीति गर्मा गई है।जशपुर जिले के बगीचा मंडल में एल्डरमैन की सूची जारी होने के बाद बड़ा विवाद शुरू हो गया है। बगीचा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने एल्डरमैनो की सूची आने के बाद बगीचा मंडल के वाट्सएप ग्रुप में 5 लाख लेकर पद बेचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

एल्डरमैनो की सूची आते ही बगीचा भाजपा के वाट्सएप ग्रुप में पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है, जिससे स्थानीय राजनीति में बगावत के सुर और तेज हो गए हैं।”2008 से पार्टी विरोधी काम करने वाले बन बैठे सर्वेसर्वा”जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने वाट्सएप ग्रुप में अपनी भड़ास निकालते हुए संगठन की वर्तमान कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में लिखा कि “जो लोग साल 2008 से लगातार भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं, आज वे ही पार्टी में सर्वेसर्वा बन बैठे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के लिए लाठियां खाने वाले और दरी बिछाने वाले पुराने कार्यकर्ताओं की अब कोई पूछपरख नहीं रह गई है।

सभी मोर्चा प्रकोष्ठों पर उठाए सवालअरविंद गुप्ता का हमला सिर्फ एल्डरमैन की सूची तक ही सीमित नहीं रहा। उन्होंने संगठन के ढांचे पर निशाना साधते हुए लिखा कि वर्तमान में भाजपा के सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों में ऐसे लोगों को पदाधिकारी बना दिया गया है, जिन्होंने हमेशा भाजपा के खिलाफ काम किया है। उन्होंने पैसे लेकर पार्षद पद पर हारे हुए लोगों को एल्डरमैन बनाने के अपने आरोप को दोहराते हुए कहा कि यह निष्ठावान कार्यकर्ताओं के समर्पण का अपमान है।

ग्रुप में मची खलबली, मंडल महामंत्री देते रहे सफाईइस तीखे और सीधे हमले के बाद बगीचा भाजपा के वाट्सएप ग्रुप में खलबली मच गई। एक तरफ जहां पुराने कार्यकर्ताओं ने इस दर्द को सही बताते हुए समर्थन करना शुरू किया, वहीं दूसरी तरफ संगठन के बचाव में मंडल महामंत्री को उतरना पड़ा। पूरे विवाद के दौरान मंडल महामंत्री ग्रुप में लगातार सफाई देते और स्थिति को संभालने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन कार्यकर्ताओं का आक्रोश शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।

बगावत की राह पर बगीचा की राजनीतिपार्षद का चुनाव हारे लोगों को ₹5 लाख लेकर पद देने और सालों से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को तवज्जो मिलने के इन गंभीर आरोपों ने बगीचा भाजपा के भीतर की गुटबाजी को पूरी तरह उजागर कर दिया है। यह आंतरिक कलह अब सोशल मीडिया के बंद कमरों से निकलकर सड़क पर आने को तैयार है, जिससे आने वाले दिनों में जिला संगठन की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।

नोट: यह खबर व्हाटसअप चैट पर आधारित है जिसमें विरोध भाजपा कार्यकर्ता कर रहे।

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